04/10/2025
एक ओर वह तथाकथित बाबा है जो भौतिक सुखों (material pleasures) और आधुनिक विलासिता (modern luxury) जैसे iPhone का उपयोग कर रहा है। धर्म या अध्यात्म के नाम पर जीवन जीने का दावा करने वाले व्यक्ति द्वारा इस प्रकार के महंगे उपकरण और शौक पूरे करना, यह स्पष्ट करता है कि उसका उद्देश्य मोक्ष (salvation) नहीं, अपितु धन-संचय (hoarding wealth) और व्यक्तिगत लाभ है।
दूसरी ओर, वह व्यक्ति है जो भक्ति की आड़ में अपना आत्म-सम्मान (self-respect) खोकर, बाबा के पैर धोकर उस जल को पी रहा है। यह कृत्य (act) दर्शाता है कि शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण (scientific temper) के अभाव में लोग कितनी आसानी से धोखाधड़ी (deception) का शिकार बन जाते हैं।